"एकात्म" व्दिवेदी
"एकात्म की दुनिया"
Sunday, May 17, 2009
तेरे ख्याल से
तेरे ख्याल से दीवाने बाज़ आ न सके
गए वहां तक जहाँ ख्याल आ न सके
मुझ को जब चैन से सोने न दिया दुनिया ने
कब्र मे जा के सोया की कोई जगा न सके
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